मार्च में, हमने अपने मनोविज्ञान में छंटाई की। हमने देखा कि कौन से 'मैं ' हमारे दिन के पहले घंटे के दौरान मेरी ऊर्जा को नष्ट करते हैं ।इस अभ्यास ने हमारी आदतों को अधिक अवैयक्तिक प्रकाश में रखा: उन्हें न मात्र मूल्य पर लेने के बजाय, हमने इन आदतों की ऊर्जा व्यय के रूप में जांच की। हमने अभ्यास के दौरान अपनी अभिव्यक्तियों को पकड़ने की कोशिश की - पहले 'मैं' ने उनको उत्पन्न किया - और फिर उन्हें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता देने की बजाय, जब वो नकारत्मकता अभी कली थी (फूल नहीं बनी थी ) , वहीँ उस पर शिकंजा कस लिया ।

विद्यार्थिओं ने अपनी सफलता के विभिन्न स्तरों की सूचना दी। एक ने कहा कि इस अभ्यास ने ऊर्जा के व्ययों को देखने में और व्यय को काबू करने में मदद की इसलिए लगातार ऊर्जा के नष्ट होने की बजाय ये व्यय खुले भी और बंद भी हुए। एक अन्य ने कबूल किया कि जो भी उन्होंने किया, और चाहे कितना भी उन्होंने कोशिश की, उन्हें एक रास्ता मिल गया। चाहे कितनी अच्छी तरह हम अपनी सुबह के ऊर्जा व्यय को को बंद करने में सक्षम थे,लेकिन इस अभ्यास ने हमारे दिन के पहले घंटे पर ध्यान केंद्रित करते हुए हमें अपने भीतर के परिदृश्य के प्रति अधिक जागरूक बनाया। यह अभ्यास हमें दिखलाता है कि एक घंटे के लिए चेतना बनाए रखने के हमें कितना जागरूक रहना होगा ।

इस गहरी समझ के साथ सशस्त्र, अब हम अप्रैल माह की साधना में प्रवेश करते हैं ।हमारा किसान इस साधना को 2 छोटे पौदों या बीजों के द्वारा हमारे समक्ष प्रस्तुत करता है, एक मुरझाया हुआ कमजोर पौदा , और दूसरा स्वस्थ और मजबूत।
ये पिछले नवंबर में बोया गया बीज है, जो शुरुआती वसंत में उग आया और अब खेतों में प्रत्यारोपित होने के लिए तैयार हैं।प्रत्येक बीजों के विकास के आधार पर , जो पौधों में परिपक्व होने के लिए पर्याप्त रूप से महत्वपूर्ण हैं, किसान बताता है कि कौन सा बीज मजबूत पौदा बनेगा और कौन सा नहीं , सो कमजोर बीज को छोड़ देना उचित है ।अपने परीक्षणों और त्रुटियों के आधार पर, फोर्थ वे का विद्यार्थी , यह बता सकता है कि कौन से प्रयास दोहराए जाने के लिए पर्याप्त रूप से प्रभावी हैं और कौन से त्याग देने योग्य हैं ।किसान की भूमि एकड़ में है है; फोर्थ वे साधक का रकबा समय है एक किसान एक -एक पौधे के साथ जमीन भरता है; फोर्थ वे साधक छोटे प्रयासों के साथ अपने समय को भरता जाता है।

पीटर औस्पेंस्की कहते हैं, "आम तौर पर , हम छोटे प्रयास करने के अवसर गंवा देते हैं"।"हम उन्हें अनदेखा करते हैं, उन्हें महत्वपूर्ण नहीं समझते , फिर भी हम इनप्रयास करने की अपनी क्षमता बढ़ा सकते हैं अगर हम छोटे प्रयासों को करते रहें , जिनको हम अनदेखा कर देते हैं ।"
इस टोकन से, अप्रैल की साधना हमें मार्च के दौरान स्थापित किए गए अनुशासन का विस्तार करने के लिए आमंत्रित करता है, जो उस समय के अन्य खण्डों को शामिल करता है जिससे हमारा पूरा दिन बनता है ।ये क्षण के खण्ड होंगे , दिनचर्या के क्षण, हमारे दिन के एक अध्याय में दूसरे चरण में प्रवेश के क्षण ,जिनको हम सामान्य रूप से महत्वहीन के रूप में त्याग कर सकते हैंया अनदेखा कर देते हैं। लेकिन किसान का रकबा सीमित है और हमारा समय भी । हमें अपने अस्तित्व को बदलने के लिए बुद्धिमानी से अपने अस्तित्व के प्रत्येक कोने की खेती करनी चाहिए।सोफोकल्स ने कहा, "तमाम तुच्छ घटनाएं अक्सर बहुत महत्ता से गर्भित होती हैं," "बुद्धिमान व्यक्ति किसी भी परिस्थिति की उपेक्षा नहीं करता।"

इसलिए हमारी अप्रैल साधना हमें आम किर्याओं से पद्धति में जाने के लिए आमंत्रितकरती है । अपना दिन देखें। समय के किन बंजर क्षेत्र नियमित रूप से व्यर्थ होते हैं? आप नए सिरे से उनमे क्या नयाँ बो सकते हैं? नीचे टिप्पणी में अपनी टिप्पणियां साझा करें।